राज्य विधानसभा का मानसून सत्र बजट में आंकड़ों की बाजीगरी की जगह सोशल इंजीनियरिंग पर होगा जोर

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,भोपाल। दस जुलाई को विधानसभा में वित्त मंत्री तरुण भनोत द्वारा पेश किए जाने वाले बजट में कमलनाथ की सोशल इंजीनियरिंग की झलक दिखाई देने के आसार हैं। कांग्रेस के अगुवाई वाले संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) वाली पूर्ववर्ती केंद्र सरकार की मनरेगा व सूचना के अधिकार जैसी योजनाओं की लाइन को आगे बढ़ाते हुए प्रदेश सरकार भी बजट में जनता को अधिकार देने के लोकलुभावन वादे कर सकती है।

प्रदेश सरकार ‘राइट टू वाटरÓ और ‘राइट टू हेल्थÓ क ी बात कर इसके संकेत पहले ही दे चुकी है।  बजट सत्र में इन्हें कानूनी रूप देकर सरकार न्यूनतम सुविधाओं की गारंटी सरकार देने का वादा भी कर सकती है। इसके लिए पहली बार बजट में अलग से प्रावधान भी रखे जाएंगे। सूत्रों के अनुसार, सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं के बजट में राशि बढ़ाया जाना भी प्रस्तावित है। तीन-चार दौर की वरिष्ठ स्तर पर बैठक के बाद यह तय किया गया है कि बजट पूरी तरह वास्तविकताओं पर आधारित होगा। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने वित्त विभाग को साफ हिदायत दी है कि इसमें न तो आंकड़ों की ज्यादा बाजीगरी होगी और न ही ऐसा कोई सब्जबाग दिखाया जाए जो जमीनी सच्चाईयों से परे हो।

कांग्रेस के वचन पत्र को रहेगी प्राथमिकता

बजट में कांग्रेस के वचन पत्र को प्राथमिकता दी गई है। उन सभी चीजों को पहले चरण में शामिल किया गया है, जिन पर सरकार काम शुरू कर चुकी है। हालांकि, बजट में सरकार आगामी पांच साल का रोडमैप जरूर बताएगी। बताया जा रहा है कि सामाजिक सुरक्षा के लिए उठाए गए कदमों के प्रावधान बजट में शामिल रहेंगे।

इनके लिए भी हो सकता है बजट प्रावधान

माना जा रहा है,कि बजट में बैंड बजाने वालों को प्रशिक्षित किए जाने के लिए भी वित्तीय इंतजाम किया जाएगा। वहीं, कर्जमाफीके लिए भी पर्याप्त राशि रखी जा सकती है। इसके दूसरे चरण में एक लाख रुपए का नियमित खातों का कर्जमाफ किया जाना है। इसी तरह अक्टूबर में इंदौर में होने वाली इनवेस्टर्स समिट के लिए भी बजट आवंटित किया जाएगा। नगरीय विकास, ग्रामीण विकास, कृषि, सहकारिता, पशुपालन, चिकित्सा शिक्षा, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, औद्योगिक विकास और बिजली के लिए भी पर्याप्त राशि रखे जाने के संकेत हैं।

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